पेट में दर्द

 पेट में दर्द की समस्या एक आम समस्या है जिसे हर व्यक्ति में कभी ना कभी होता रहा है। जिसे पेट में दर्द होता वह ना चैन से बैठ पाता ना सो पाता ना कुछ खा पाता और मन में उलझा नहीं सी महसूस होती रहती है।इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- अपच, गैस, सीने में जलन, कब्ज आदि। हालांकि पेट में दर्द कुछ गंभीर समस्याओं के कारण भी हो सकता है, जैसे- अल्सर, हर्निया, पथरी अपेंडिसाइटिस आदि। अक्सर आपने देखा होगा कि जब भी पेट में दर्द होता है तो किसी भी काम में ध्यान नहीं लगता है, मन बेचैन सा रहता है। इस दर्द से निजात पाने के लिए कई लोग दवाइयों का सहारा लेते हैं, लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे अपच, गैस जैसी पेट की समस्याओं से राहत मिल सकती है।


  पेट दर्द के लिए आयुर्वेद में कुछ नुस्खे बताए गये हैं  जिनका अगर प्रयोग किया जाए तो पेट दर्द कि परेशानी से बचा जा सकता है ! हालांकि इस तरह के पेट दर्द के लिए आज भी हमारे घरों में आयुर्वेदिक नुस्खे काम में लाये जाते हैं और उनसे आराम भी मिलता है  

                          


1 . अदरक और लहसुन को बराबर कि मात्रा में पीसकर एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है !


2 . एक ग्राम काला नमक और दो ग्राम अजवायन गर्म पानी के साथ सेवन करने से पेट दर्द में लाभ मिलता है !


3 . अमरबेल के बीजों को पानी से पीसकर बनाए गये लेप को पेट पर लगाकर कपडे से बाँधने से गैस कि तकलीफ , डकारें आना , अपानवायु न निकलना , पेट दर्द और मरोड़ जैसे कष्ट दूर हो जाते हैं !


4 . सौंठ , हींग और कालीमिर्च का चूर्ण बराबर कि मात्रा में मिलाकर एक चम्मच कि मात्रा में गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द में तुरंत आराम मिलता है !


5 . जटामांसी , सौंठ , आंवला और काला नमक बराबर कि मात्रा में पीस लें और एक एक चम्मच कि मात्रा में तीन बार लेने से भी पेट दर्द से राहत मिलती है !


6 . जायफल का एक चौथाई चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ सेवन करने से भी पेट दर्द में आराम पहुँचता है !


7 . पत्थरचट्टा के दो तीन पत्तों पर हल्का नमक लगाकर या पत्तों के एक चम्मच रस में सौंठ का चूर्ण मिलाकर खिलाने से पेट दर्द से राहत मिलती है !


8 . सफ़ेद मुसली और दालचीनी को समभाग में मिलाकर पीस लें ! एक चम्मच कि मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से 2-3 खुराक में ही पूरा आराम मिल जाता है !


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