जुखाम के बारे कुछ आयुर्वेदिक बिचार
" एलर्जी " एक आम शब्द , जिसका प्रयोग हम कभी ' किसी ख़ास व्यक्ति से सुना होगा कि मुझे इस चीज से एलर्जी है।मुझे एलर्जी है ' के रूप में करते हैं. ऐसे ही हमारा शरीर भी ख़ास रसायन उद्दीपकों के प्रति अपनी असहज प्रतिक्रया को ' एलर्जी ' के रूप में दर्शाता है. उसी प्रकार जुखाम भी एक एलर्जी है।जुखाम क रामबाण इलाज in hindi
बारिश के बाद नमी के कारण ठंडा मौसम हो जाने कारण जुखाम पीड़ित ऐसे रोगियों क़ी स्थिति को और भी दूभर कर देती है. ऐसे लोगों को अक्सर अपने चेहरे पर रूमाल लगाए देखा जा सकता है. शीतकालीन रितु आने से पहले व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की देखभाल अच्छी तरह से करना चाहिए जिससे उसे शीतकालीन मौसम में उसे अपने शरीर में कोई दिक्कत ना आ पाए जिससे अपने शरीर में अपने शरीर में जो नमी के कारण एलर्जी हो जाती है उसी के संबंधित भोजन खाना चाहिए।
हालांकि एलर्जी के कारणों को जानना कठिन होता है , परन्तु कुछ आयुर्वेदिक उपाय इसे दूर करने में कारगर हो सकते हैं. आप इन्हें अपनाएं और एलर्जी से निजात पाएं !
आयुर्वेदिक उपाय
• नीम चढी गिलोय के डंठल को छोटे टुकड़ों में काटकर इसका रस हरिद्रा खंड चूर्ण के साथ 1.5 से तीन ग्राम नियमित प्रयोग पुरानी से पुरानी एलर्जी में रामबाण औषधि है.
• गुनगुने निम्बू पानी का प्रातःकाल नियमित प्रयोग शरीर सें विटामिन - सी की मात्रा की पूर्ति कर एलर्जी के कारण होने वाले नजला - जुखाम जैसे लक्षणों को दूर करता है.
• अदरख , काली मिर्च , तुलसी के चार पत्ते , लौंग एवं मिश्री को मिलाकर बनायी गयी ' हर्बल चाय ' एलर्जी से निजात दिलाती है.
• बरसात के मौसम में होनेवाले विषाणु ( वायरस ) संक्रमण के कारण ' फ्लू ' जनित लक्षणों को नियमित ताजे चार नीम के पत्तों को चबा कर दूर किया जा सकता है.
• आयुर्वेदिक दवाई ' सितोपलादि चूर्ण ' एलर्जी के रोगियों में चमत्कारिक प्रभाव दर्शाती है.
• नमक पानी से ' कुंजल क्रिया ' एवं ' नेती क्रिया " कफ दोष को बाहर निकालकर पुराने से पुराने एलर्जी को दूर कने में मददगार होती है.
• पंचकर्म की प्रक्रिया ' नस्य ' का चिकित्सक के परामर्श से प्रयोग ' एलर्जी ' से बचाव ही नहीं इसकी सफल चिकित्सा है.
• प्राणायाम में ' कपालभाती ' का नियमित प्रयोग एलर्जी से मुक्ति का सरल उपाय है.
कुछ सावधानियां
अगर आपको जुखाम हो जाता है तो उसमें कुछ सावधानियों को रखना बहुत जरूरी है। जिससे आपके जुखाम की समस्या की समाधान मिलने लगेगा। जिससे आप नियंत्रण करने से समस्या नष्ट हो जाएगी।
● अगर आप को जुखाम की तकलीफ होती है। तो आपको बारिश के मौसम में बाहर नहीं निकलना चाहिए।
● शीतकालीन मौसम में अपने चेहरे पर मास जरूर लगाना चाहिए।
● आपको फिजिकल वर्क ज्यादा से ज्यादा करना चाहिए जिससे तकलीफ में कुछ आराम मिलता है।
● आपको अपने चेहरे को धूल, गंदगी, घुंआ, से दूर रखना चाहिए। जिससे आपके नाक में वायरस, गंदगी नहीं जाती है और। एलर्जी से आप बचे रहोगे।
● अगर आपको जुखाम की समस्या है तो आपको शीतकालीन मौसम में गर्म वस्त्र अधिक से अधिक पहनना चाहिए जिससे आपके शरीर में ठंड ना लग पाए।
भोजन मे सावधानियां।
अगर आप को जुखाम से बचना है तो आपको अपने भोजन पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे जुखाम की तकलीफ नही होगी। आपको इस प्रकार भोजन मे करना चाहिए जिससे आपके जुखाम में बहुत तकलीफ उत्पन्न ना करें। आपको शुद्ध भोजन आपको ठंडा भोजन उपयोग में नहीं करना चाहिए आपको इन चीजों का उपयोग करना चाहिए। हम आपको बताएंगे कि आप को भोजन में किस चीज का उपयोग करना चाहिए या ना करना चाहिए।
● आपको सब्जियों में हरी सब्जियों का उपयोग करना चाहिए।
● आपको कच्चा प्याज का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि कच्चा प्याज ठंडा होता है और आपकी जुखाम की समस्या में तकलीफ उत्पन्न करता है?
● अगर आपको प्याज का उपयोग करना है तो आपको प्याज को तेल में फ्राई कर लेना चाहिए उसी उसी के बाद आपको प्यार का उपयोग करना चाहिए।
● शीतकालीन मौसम के समय आपको सब्जियों में अंडे सब्जी, नॉनवेज सब्जी का उपयोग करना चाहिए। क्योंकि यह सब्जियां गर्म होती है और जुखाम की समस्या के लिए फायदेमंद भी होती हैं?
● शीतकालीन मौसम के समय आपको चावलों का उपयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि चावल ठंडे होते हैं और जुखाम की समस्या उत्पन्न करते हैं।
● आपको हर रोज। काढ़ा पीने चाहिए। क्योंकि काढ़ा गर्म होता अब आपके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक भी होता है?
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