डायबिटीज क्या है कुछ देशी नुस्खे मधुमेह

                  डायबिटीज क्या है

डायबिटीज अब उम्र, देश व परिस्थिति की सीमाओं को लांघ चुका है। इसके मरीजों का तेजी से बढ़ता आंकड़ा दुनियाभर में चिंता का विषय बन चुका है।हम जो भोजन करते हैं उसमें शरीर को ग्लूकोस प्राप्त होता है जिसे कोशिका शरीर को ऊर्जा उत्पन्न करने में प्रयोग करती है यदि शरीर में इंसुलिन मौजूद नहीं होता है तो वह अपना काम सही तरीके से नहीं कर पाती वह ब्लड से कोशिकाओं को ग्लूकोज नहीं प्राप्त होता है जिसके कारण ग्लूकोस ब्लड में ही इकट्ठा हो जाता है और बुलेट में अतृप ग्लूकोस नुकसानदायक साबित हो सकता है 


          

                   आमतौर पर डायबिटीज तीन प्रकार की होती 

 डायबिटीज टाइप 1, डायबिटीज टाइप 2, पूर्व डायबिटीज,  गर्भ कालीन डायबिटीज


                  कुछ देशी नुस्खे मधुमेह रोगियों के लिए -


● नीबू  मधुमेह के बीमारी में व्यक्ति को को प्यास अधिक लगती है। अतः बार-बार प्यास लगने की अवस्था में नीबू निचोड़कर पीने से प्यास की अधिकता शांत होती है।


● खीरा मधुमेह के मरीजों को भूख से थोड़ा कम तथा हल्का भोजन लेने की सलाह दी जाती है। ऐसे में बार-बार भूख महसूस होती है। इस स्थिति में खीरा खाकर भूख मिटाना चाहिए।


● गाजर-पालक  इन रोगियों को गाजर-पालक का रस मिलाकर पीना चाहिए। इससे आंखों की कमजोरी दूर होती है।


● शलजम : मधुमेह के रोगी को तरोई, लौकी, परवल, पालक, पपीता आदि का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए। शलजम के प्रयोग से भी रक्त में स्थित शर्करा की मात्रा कम होने लगती है। अतः शलजम की सब्जी, पराठे, सलाद आदि चीजें स्वाद बदल-बदलकर ले सकते हैं।

 

● जामुन : मधुमेह के उपचार में जामुन एक पारंपरिक औषधि है। जामुन को मधुमेह के रोगी का ही फल कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसकी गुठली, छाल, रस और गूदा सभी मधुमेह में बेहद फायदेमंद हैं। जामुन फल मीठा कम होता है। मौसम के अनुरूप जामुन का सेवन औषधि के रूप में खूब करना चाहिए।


● जामुन की गुठली संभालकर एकत्रित कर लें। इसके बीजों जाम्बोलिन नामक तत्व पाया जाता है, जो स्टार्च को शर्करा में बदलने से रोकता है। गुठली का बारीक चूर्ण बनाकर रख लेना चाहिए। दिन में दो-तीन बार, तीन ग्राम की मात्रा में पानी के साथ सेवन करने से मूत्र में शुगर की मात्रा कम होती है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

>